गजराज और चालाक मगरमच्छ (The Elephant and the Crocodile)

गजराज और चालाक मगरमच्छ (The Elephant and the Crocodile) एक बार की बात है, एक विशाल जंगल के बीचों-बीच एक नीले पानी की झील थी। उस झील में मक्खन नाम का एक बहुत बड़ा और चालाक मगरमच्छ रहता था। जंगल के सभी जानवर उस झील से पानी पीने आते थे, लेकिन मगरमच्छ के डर से हमेशा सावधान रहते थे। उसी जंगल में गजराज नाम का एक बुद्धिमान हाथी भी रहता था। एक दोपहर, बहुत गर्मी थी और गजराज झील के किनारे पानी पीने पहुँचा। जैसे ही उसने अपनी सूँढ़ पानी में डाली, मक्खन मगरमच्छ ने चुपके से उसकी सूँढ़ को अपने मज़बूत जबड़ों में दबोच लिया। मगरमच्छ ने सोचा, "आज तो मुझे बहुत बड़ा शिकार मिल गया!" वह हाथी को गहरे पानी की ओर खींचने लगा। गजराज पहले तो घबरा गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर मगरमच्छ को ज़मीन की तरफ खींचना शुरू किया। गजराज ने बुद्धिमानी से काम लिया। उसने कहा, "अरे भाई मक्खन! तुम मुझे पानी में खींच रहे हो, लेकिन देखो, तुम्हारे पीछे से एक बड़ा शिकारी जाल लेकर आ रहा है।" मगरमच्छ घबरा गया और जैसे ही उसने पीछे देखने के लिए अपनी पकड़ ढीली की, गजराज ने झटके से अपनी सूँढ़ छुड़ा ली। गजराज ने तुरंत किनारे से एक बड़ा पत्थर उठाया और पानी में ज़ोर से पटका। मगरमच्छ डर के मारे झील की गहराई में भाग गया। उस दिन के बाद, मगरमच्छ ने फिर कभी किसी बड़े जानवर को परेशान करने की हिम्मत नहीं की। शिक्षा (Moral): संकट के समय घबराने के बजाय बुद्धिमानी और धैर्य से काम लेना चाहिए। ताकत से ज़्यादा बुद्धि काम आती है। क्या आप इस कहानी के लिए भी एक चित्र (Image) बनवाना चाहेंगे?

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